राष्ट्रीय मिलिट्री स्कूल में सेलेक्शन इतना मुश्किल नहीं जितना तुम सोचते हो!
सही तैयारी, सही दिशा — और बस! आओ पूरा प्लान समझते हैं, पिछले सालों के आसान सवालों के साथ।
सबसे पहले बात — ये स्कूल है क्या?
भई, राष्ट्रीय मिलिट्री स्कूल (Rashtriya Military School — RMS) भारत सरकार के रक्षा मंत्रालय (Ministry of Defence) के तहत चलने वाले वो स्कूल हैं जहाँ पढ़ाई भी होती है और अनुशासन (Discipline) भी सिखाया जाता है। ये स्कूल पहले "मिलिट्री स्कूल" के नाम से जाने जाते थे, लेकिन अब इनका नाम बदलकर "राष्ट्रीय मिलिट्री स्कूल" कर दिया गया है।
पूरे भारत में इस समय 5 राष्ट्रीय मिलिट्री स्कूल हैं — चैल (हिमाचल प्रदेश), अजमेर (राजस्थान), बेलगाम (कर्नाटक), बैंगलोर (कर्नाटक) और धौलपुर (राजस्थान)। इन स्कूलों में कक्षा 6 में एडमिशन होता है और यहाँ से बच्चे कक्षा 12 तक पढ़ाई करते हैं। सबसे बढ़िया बात ये है कि यहाँ की पढ़ाई CBSE बोर्ड से होती है और फीस सरकारी होने की वजह से बहुत कम लगती है।
कौन दे सकता है ये परीक्षा?
अब सबसे पहले ये जान लो कि इस परीक्षा में बैठने के लिए क्या-क्या चाहिए। देखो, ये परीक्षा कक्षा 6 और कक्षा 9 में एडमिशन के लिए होती है। कक्षा 6 के लिए जो बच्चे अभी कक्षा 5 में पढ़ रहे हैं, वो इसके लिए आवेदन (Apply) कर सकते हैं।
कक्षा 6 में एडमिशन के लिए बच्चे की उम्र 10 से 12 साल के बीच होनी चाहिए (एडमिशन वाले साल की 31 मार्च तक)। और कक्षा 9 के लिए उम्र 13 से 15 साल के बीच होनी चाहिए। बच्चा किसी भी मान्यता प्राप्त स्कूल से पिछली कक्षा पास होना चाहिए — चाहे वो सरकारी स्कूल हो या प्राइवेट, हिंदी मीडियम हो या इंग्लिश मीडियम। सेना, नौसेना, वायुसेना के कार्यरत या भूतपूर्व जवानों के बच्चों के अलावा सामान्य नागरिकों के बच्चे भी आवेदन कर सकते हैं।
परीक्षा का पैटर्न कैसा होता है?
अब ये सबसे ज़रूरी बात है — अगर तुम्हें पता हो कि पेपर कैसा आता है, तो तैयारी करना बहुत आसान हो जाता है। RMS की प्रवेश परीक्षा को RMS CET (Common Entrance Test) कहते हैं। इसमें बहुविकल्पीय प्रश्न (MCQ — Multiple Choice Questions) आते हैं और OMR शीट पर उत्तर भरने होते हैं। कक्षा 6 की परीक्षा में चार खंड (Sections) होते हैं और कुल 200 अंकों का पेपर होता है। परीक्षा का समय सुबह 11:00 बजे से दोपहर 1:30 बजे तक यानी 2.5 घंटे का होता है।
| खंड (Section) | विषय | अंक (Marks) |
|---|---|---|
| खंड 1 | गणित (Mathematics) | 50 |
| खंड 2 | सामान्य ज्ञान (General Knowledge) | 50 |
| खंड 3 | भाषा — अंग्रेज़ी या हिंदी (Language) | 50 |
| खंड 4 | बुद्धि परीक्षण (Intelligence Test) | 50 |
| कुल | 200 | |
एक और अच्छी बात — इस परीक्षा में कोई नेगेटिव मार्किंग (Negative Marking) नहीं है! मतलब अगर कोई सवाल गलत भी हो जाए तो अंक नहीं कटेंगे। इसलिए कोई भी सवाल छोड़ना मत — अंदाज़े से भी भर दो, क्या पता सही हो जाए!
पिछले सालों में कैसे सवाल आए? — देखो कितने आसान हैं!
बहुत सारे बच्चे और माता-पिता सोचते हैं कि RMS की परीक्षा बहुत कठिन होती है। लेकिन भई, ज़रा पिछले सालों के सवाल देख लो — तुम खुद कहोगे "अरे, ये तो हमसे भी हो जाएगा!" ये सवाल कक्षा 4 और 5 के सिलेबस (CBSE NCERT) पर आधारित होते हैं। चलो कुछ सवाल दिखाते हैं जो पिछली परीक्षाओं के पैटर्न पर आधारित हैं:
तैयारी कैसे करें — आसान भाषा में समझो
देखो भाई, सीधी बात करते हैं। इस परीक्षा में कोई रॉकेट साइंस नहीं पूछा जाता। ऊपर के सवाल देख ही लिए तुमने। जो बच्चा कक्षा 4 और 5 की NCERT की किताबें अच्छे से पढ़ लेता है और थोड़ा ऊपर (Extra) प्रैक्टिस करता है, वो आराम से इस परीक्षा को पास कर सकता है।
गणित (Maths) — 50 अंक, सबसे स्कोरिंग!
गणित में संख्या पद्धति (Number System), भिन्न (Fractions), दशमलव (Decimals), ज्यामिति (Geometry), क्षेत्रफल-परिमाप (Area-Perimeter), समय-दूरी और बेसिक अंकगणित (Arithmetic) से सवाल आते हैं। रोज़ाना कम से कम 15-20 सवाल हल करने की आदत बनाओ। पहाड़े (Tables) 20 तक याद रखो, भाग (Division) और गुणा (Multiplication) तेज़ करो। NCERT की कक्षा 5 की गणित की किताब को कम से कम दो बार पूरा हल करो।
सामान्य ज्ञान (GK) — 50 अंक, थोड़ा-थोड़ा रोज़ पढ़ो
सामान्य ज्ञान में विज्ञान (Science), इतिहास (History), भूगोल (Geography), करंट अफेयर्स (Current Affairs) और राष्ट्रीय प्रतीकों से सवाल आते हैं। NCERT की EVS (पर्यावरण अध्ययन) की किताब बहुत काम आती है। भारत के राज्य, राजधानियाँ, नदियाँ, पर्वत, महत्वपूर्ण तिथियाँ और राष्ट्रीय प्रतीक — ये सब ज़रूर याद करो। रोज़ अख़बार पढ़ो — चाहे हिंदी का ही पढ़ो!
बुद्धि परीक्षण (Intelligence Test) — 50 अंक, पैटर्न सीखो!
ये खंड बहुत मज़ेदार है! इसमें संख्या श्रृंखला (Number Series), आकृति पहचान (Figure Recognition), कोडिंग-डिकोडिंग, दर्पण प्रतिबिम्ब (Mirror Image) और तर्कशक्ति (Reasoning) जैसे सवाल आते हैं। इसके लिए ज़्यादा किताबों की ज़रूरत नहीं — बस रोज़ 10-15 सवालों की प्रैक्टिस करो और पैटर्न पहचानना सीखो। ये खंड प्रैक्टिस करने से बहुत जल्दी सुधरता है।
भाषा (Language) — 50 अंक, अपनी ताकत बनाओ!
भाषा वाले भाग में तुम्हें हिंदी या अंग्रेज़ी में से कोई एक चुनना होता है। अगर तुम हिंदी मीडियम से हो, तो हिंदी चुनो और इसे अपनी ताकत बनाओ। हिंदी में व्याकरण (Grammar) — संज्ञा, सर्वनाम, विशेषण, क्रिया, विलोम शब्द, पर्यायवाची, मुहावरे, समास — ये सब अच्छे से तैयार करो। अपठित गद्यांश (Unseen Passage) ध्यान से पढ़कर उत्तर दो — इसमें आसानी से अच्छे अंक मिलते हैं।
हिंदी मीडियम के बच्चों के लिए ख़ास बात
बहुत सारे बच्चे और उनके माता-पिता सोचते हैं कि "हम तो हिंदी मीडियम से हैं, हमसे नहीं होगा" — भाई, ये सोच बिल्कुल गलत है! राष्ट्रीय मिलिट्री स्कूल की कक्षा 6 की प्रवेश परीक्षा इसलिए ही हिंदी में भी उपलब्ध कराई जाती है ताकि हर बच्चे को बराबर मौका मिले।
सच बात तो ये है कि हिंदी मीडियम के बच्चों की बेसिक समझ अक्सर बहुत मजबूत होती है — खासकर गणित और सामान्य ज्ञान में। ऊपर जो सवाल दिखाए हैं ना, वो सब हिंदी में भी आते हैं। तुम्हें बस अपनी तैयारी को सही दिशा देनी है। कई बार गाँवों और छोटे शहरों से आने वाले बच्चे इन स्कूलों में एडमिशन लेकर आगे जाकर सेना (Army) में अफसर बनते हैं — ये सच में होता है, सपना नहीं है।
कितने अंक लाने होते हैं — कटऑफ़ की बात
अब बात करते हैं सबसे बड़े सवाल की — "कितने नंबर लाने होंगे?" देखो, RMS CET की कटऑफ़ (Cutoff) हर साल थोड़ी ऊपर-नीचे होती है, ये इस बात पर निर्भर करता है कि उस साल कितने बच्चों ने परीक्षा दी और पेपर कितना आसान या कठिन था।
मोटे तौर पर, सामान्य वर्ग (General Category) के बच्चों को 200 में से लगभग 110-140 अंक लाने होते हैं। आरक्षित वर्गों (SC/ST/OBC) के लिए कटऑफ़ थोड़ी कम होती है। लेकिन एक बात याद रखो — जितने ज़्यादा अंक लाओगे, उतनी अच्छी मेरिट (Merit) बनेगी और मनपसंद स्कूल मिलने की संभावना बढ़ेगी।
लिखित परीक्षा पास करने के बाद बच्चों का साक्षात्कार (Interview) — 20 अंक का — और चिकित्सा परीक्षण (Medical Test) भी होता है। मेडिकल में आँखों की रोशनी, शारीरिक फिटनेस और सामान्य स्वास्थ्य की जाँच होती है। तो बच्चों को शारीरिक रूप से भी फिट रहना ज़रूरी है — रोज़ दौड़ लगाओ, खेलो-कूदो!
रोज़ की पढ़ाई का प्लान कैसा हो?
भई, बच्चों की उम्र छोटी होती है, तो उन पर ज़्यादा बोझ डालना सही नहीं है। लेकिन अगर परीक्षा से 4-6 महीने पहले से रोज़ 2 से 3 घंटे की नियमित पढ़ाई शुरू कर दी जाए, तो बच्चा बहुत अच्छे से तैयार हो सकता है।
एक आसान प्लान बताता हूँ — रोज़ सुबह 1 घंटा गणित के सवाल हल करो, फिर शाम को आधा घंटा GK पढ़ो, 20 मिनट बुद्धि परीक्षण (Reasoning) की प्रैक्टिस करो, और 20 मिनट भाषा (व्याकरण और अपठित गद्यांश) पर काम करो। हफ्ते में एक बार पूरा मॉक टेस्ट (Mock Test) दो ताकि पता चले कि कहाँ कमज़ोरी है। मॉक टेस्ट से समय प्रबंधन (Time Management) भी सीखने को मिलता है।
RMS में पढ़ने के फ़ायदे — क्यों जाएँ ये स्कूल?
अब बात करते हैं कि इतनी मेहनत क्यों करनी चाहिए। भाई, राष्ट्रीय मिलिट्री स्कूल सिर्फ एक स्कूल नहीं है — ये पूरी ज़िंदगी बदलने वाला अनुभव है। यहाँ बच्चों को अनुशासन, नेतृत्व (Leadership), टीमवर्क और आत्मविश्वास जैसे गुण सिखाए जाते हैं जो आगे ज़िंदगी भर काम आते हैं।
RMS से पढ़ने के बाद बच्चों के लिए NDA (National Defence Academy ↗) का रास्ता बहुत आसान हो जाता है। बहुत सारे RMS के पूर्व छात्र (Alumni) आज भारतीय सेना, नौसेना और वायुसेना में बड़े अफसर हैं। सरकारी स्कूल होने की वजह से फीस बहुत कम है — SC/ST छात्रों के लिए तो लगभग मुफ़्त। खाना, रहना, यूनिफॉर्म, किताबें — सब स्कूल की तरफ़ से मिलता है। और सबसे बड़ी बात — यहाँ से निकलने वाला बच्चा एक ज़िम्मेदार, अनुशासित और आत्मनिर्भर इंसान बनता है।
🎯 "सैनिक स्कूल कोचिंग" — तुम्हारी तैयारी का सबसे भरोसेमंद साथी!
अगर तुम या तुम्हारा बच्चा राष्ट्रीय मिलिट्री स्कूल या सैनिक स्कूल की तैयारी कर रहे हो, तो सैनिक स्कूल कोचिंग (Sainik School Coaching) तुम्हारे लिए बना है। यहाँ हिंदी मीडियम के बच्चों का ख़ास ध्यान रखा जाता है — सारा स्टडी मटीरियल आसान हिंदी में उपलब्ध है। अनुभवी शिक्षकों की टीम, चैप्टर-वाइज़ प्रैक्टिस, पिछले वर्षों के हल प्रश्न पत्र, और नियमित मॉक टेस्ट — सब कुछ एक जगह मिलेगा। हज़ारों बच्चे हमारे साथ तैयारी करके अपने सपने पूरे कर चुके हैं — अब तुम्हारी बारी है!
🎓 Free Mock Test दो — अभी शुरू करो!